मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से हल करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा,
"जो भी अधिकारी या कर्मचारी शिकायतों को टालते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिलों में साप्ताहिक समीक्षा बैठकें आयोजित कर शिकायतों की स्थिति की निगरानी की जाए। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपनी शिकायतें जनसुनवाई पोर्टल, हेल्पलाइन नंबरों, या सीधे संबंधित विभागों में दर्ज कराएं।