जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी जौनपुर कार्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती की पूर्व संध्या पर कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अटलजी के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति में एक अजातशत्रु के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने राजनीति में एक विशिष्ट और सराहनीय मुकाम हासिल किया। अटलजी ने वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेकर राष्ट्रवादी राजनीति में प्रवेश किया। राजनीति विज्ञान और विधि के छात्र रहते हुए ही उनकी रुचि विदेशी मामलों में विकसित हुई, जिसे उन्होंने आगे चलकर विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए साकार किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकार के रूप में की थी, लेकिन 1951 में भारतीय जनसंघ से जुड़ने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। आज की भारतीय जनता पार्टी पहले भारतीय जनसंघ के नाम से जानी जाती थी। अटलजी एक संवेदनशील कवि भी थे, जिनकी कविताओं को समीक्षकों ने सराहा।
जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता ने 1980 में भाजपा के पहले अधिवेशन को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने तब कहा था—“अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा।” आज उनका यह सपना साकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में भाजपा ने भारत को सुदृढ़ और समर्थ राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए।
जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंघानिया ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी को 1992 में पद्म विभूषण, 1994 में श्रेष्ठ सांसद पुरस्कार, लोकमान्य तिलक पुरस्कार तथा 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनके कार्यों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देशभर के लोग प्रेरणा लेते हैं। अटलजी एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी नेता थे।
जिला महामंत्री अमित श्रीवास्तव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के माध्यम से देश को सड़क मार्ग से जोड़ा तथा कावेरी जल विवाद जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष पंकज मिश्र ने कहा कि अटलजी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्रसेवा में समर्पित कर भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया। वे भारतीय राजनीति के युगपुरुष थे, जिनका व्यक्तित्व, विचार और कृतित्व सदैव देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। अटलजी की शताब्दी जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन है।
पूर्व जिला महामंत्री संदीप तिवारी ने कहा कि श्रद्धेय अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण, जनसेवा और सुशासन को समर्पित रहा। ईमानदारी और पवित्रता के साथ उन्होंने जिस राजनीति की परंपरा स्थापित की, वह अमृतकाल में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मार्गदर्शक है।
कार्यक्रम में आमोद सिंह, परविंदर चौहान, इंद्रसेन सिंह, घनश्याम यादव, नीरज मौर्य, अमरनाथ पांडेय, विकास ओझा, जय शंकर पाल, सुधांशु सिंह, प्रमोद प्रजापति, शरद टंडन, शुभम मौर्य सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
