जौनपुर, कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती जौनपुर ने नाट्यशास्त्र के प्रणेता आचार्य भरत मुनि की जयंती पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, मां सरस्वती एवं भरत मुनि की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अध्यक्षता करती हुई संस्था की अध्यक्ष डॉ. ज्योति दास ने भरत मुनि के नाट्यशास्त्र ग्रंथ पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भरत मुनि को नृत्य और संगीत का जनक माना जाता है। उनके ग्रंथ में अभिनय, रस, मंच-सज्जा और संगीत का वर्णन है, तथा उन्होंने ब्रह्मा द्वारा रचित 'नाट्यवेद' को पृथ्वी पर प्रचलित किया।
संस्कार भारती काशी प्रांत के महामंत्री सुजीत श्रीवास्तव ने आचार्य भरत मुनि के कार्यों और संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वहीं, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य ऋषि श्रीवास्तव ने कहा कि भरत मुनि ने कला के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त करने की तकनीक सिखाई, जो आज भरतनाट्यम जैसी शास्त्रीय नृत्य शैलियों का आधार बनी हुई है।
इस अवसर पर संस्था ने श्री कृष्ण कुमार सिन्हा का सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था महामंत्री अमित गुप्ता अंशु ने कुशलतापूर्वक किया। विचार गोष्ठी में संरक्षक रविंद्र नाथ, कोषाध्यक्ष राजकमल, नरेंद्र पाठक, रविकांत जायसवाल, आलोक रंजन, राजेश किशोर, दिलीप सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, अभिताष गुप्ता, अजय गुप्ता, मनीष अस्थाना, आशीष गुप्ता, अवधेश यादव, साक्षी श्रीवास्तव, अतुल सिंह, राजेश अग्रहरि, संतोष अग्रहरि, राज केशरी, अरुण केशरी, बालकृष्ण साहू, प्रदीप सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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