जौनपुर । अगस्त क्रांति की याद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित क्रांति स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले छात्र आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात भाकपा कार्यकर्ताओं ने रैली निकाल कर धरना प्रदर्शन किया और शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी समस्याओं पर सरकार के रुख की तीखी आलोचना की।
धरने की अध्यक्षता कामरेड राजाराम प्रधान ने की। वक्ताओं ने कहा
कि सरकार द्वारा 50 से कम छात्रों वाले विद्यालयों का मर्जर आदेश गरीब एवं ग्रामीण तबके के बच्चों के शैक्षणिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे तत्काल रद्द करने की मांग की।
सभा में भाकपा जिला मंत्री सालिगराम पटेल, कामरेड कल्पनाथ गुप्त, रामनाथ यादव, कृष्ण नारायण तिवारी, सुभाष पटेल, अधिवक्ता संघ के पूर्व मंत्री जयप्रकाश, माकपा नेता विजय प्रताप सिंह, एआईवाईएफ प्रदेश सचिव संदीप शर्मा, एआईएसएफ नेता बृजेश, महिला फेडरेशन की सुधा सिंह सहित कई नेताओं ने सरकार की किसान, मजदूर और शिक्षा विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की। संचालन सत्यनारायण पटेल ने किया।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया, जिसमें प्रमुख रूप से निम्न मांगें की गईं:
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विद्यालय मर्जर की योजना रद्द हो
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हर गांव में स्थानीय स्कूल की गारंटी दी जाए
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शिक्षा में विकेन्द्रीकरण और जन भागीदारी बढ़े
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शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य न लिया जाए
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शिक्षा का बजट बढ़ाया जाए
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बिजली के निजीकरण पर रोक लगे
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम अगस्त 1942 के छात्र क्रांति की स्मृति में आयोजित किया गया, जब स्वतंत्रता सेनानी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में टीडी कॉलेज के छात्रों ने कलेक्ट्रेट पर तिरंगा फहराया था और पुलिस की फायरिंग में कई छात्र घायल हुए थे। इसी घटना की याद में क्रांति स्तंभ की स्थापना की गई थी, जहां हर वर्ष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होता है।
संयोगवश, 12 अगस्त को ही ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की स्थापना के 90 वर्ष भी पूर्ण हुए

