
पूर्व मंत्री बच्चू कडू को 2018 में एक IAS अधिकारी के खिलाफ iPad से धमकी भरा इशारा करने के मामले में 3 महीने जेल, ₹10,000 जुर्माना, सज़ा निलंबित, और जमानत मिली है। अदालत ने ज़ोर देकर कहा कि पद एक अधिकार देता है, लेकिन यह किसी को हिंसा या धमकी का अधिकार नहीं देता।
अदालत का आदेश: एक विशेष अदालत (एमपी और एमएलए मामलों के लिए) ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और विधायक बच्चू (ओमप्रकाश बाबाराव) कडू को 2018 में एक आईएएस अधिकारी, श्री प्रदीप पी., पर हमला और आपराधिक धमकी देने के आरोप में 3 महीने के सादे जेल दंड और ₹10,000 जुर्माने की सजा सुनाई है
कौन से धाराएँ लागू हुईं: सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 351 (अल्प-स्तरीय हमला) के तहत दोषी ठहराया है
न्यायाधीश का कथन: न्यायाधीश सत्यनारायण आर. नवंदर ने स्पष्ट किया कि “राजनीतिक पद होने के बावजूद किसी सार्वजनिक अधिकारी को धमकी देना या उससे शारीरिक हमला करना स्वीकार नहीं किया जा सकता”
घटना की पृष्ठभूमि: आरोप है कि उस समय आईटी विभाग की 'महापरीक्षा' से परेशान होकर कडू ने अधिकारी का iPad उठाया और उसे मारने का संकेत दिया—जिसे अदालत ने हमला माना
सज़ा पर प्रभाव: अदालत ने सजा को निलंबित (suspended) रखा है, ताकि कडू उच्च न्यायालय में अपील दाखिल कर सकें, और उन्हें जमानत भी दी गई है
अदालत का उद्देश्य: अदालत ने यह भी कहा कि दंड का उद्देश्य न केवल दोषी को सबक सिखाना है, बल्कि भविष्य में किसी भी ऐसे व्यक्ति को यह संदेश देना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में हिंसा या धमकी की अनुमति नहीं है
JAUNPUR NEWS, UTTAR PRADESH, SHARDA PRAVAH, INDIA
India Today | India
Breaking News
Latest News
Update News Today