जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के सफल क्रियान्वयन एवं आगामी योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को राजनीति की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी दिलाना है।
उन्होंने बताया कि संसद के आगामी विशेष सत्र (16-18 अप्रैल) में अधिनियम से जुड़ी तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाएगा। साथ ही नए प्रस्ताव के तहत लोकसभा सीटों की संख्या 816 करने की योजना है, जिससे महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित की जा सकेंगी। यह पहल वर्ष 2029 के आम चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सांसद सीमा द्विवेदी ने आगे कहा कि 2027 की जनगणना की प्रतीक्षा किए बिना 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि समय रहते महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके। जन-जागरण अभियान के तहत 15 से 17 अप्रैल तक पूरे जनपद में ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ और स्कूटी रैलियों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश अब ‘महिला विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की ओर अग्रसर है। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के आत्मविश्वास और अधिकारों का प्रतीक है।
इस दौरान टीडी कॉलेज की प्रिंसिपल अर्चना सिंह ने मातृशक्ति से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान से जुड़कर विकसित भारत के संकल्प को साकार करें। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करें, जिससे पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी और निर्णय क्षमता को नई दिशा मिल सके।

