इस अवसर पर मंत्री ने चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक नागरिक को अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसके वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की अपील करते हुए ग्राम सभाओं, शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल ने मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनका आगमन संस्थान के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।
प्रो. कमल ने बताया कि महाविद्यालय परिसर को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 1000 से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। साथ ही सभी पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे संस्थान भविष्य में एक आदर्श हरित चिकित्सा महाविद्यालय के रूप में स्थापित हो सके।
कार्यक्रम में मंत्री के साथ आए गणमान्य अतिथियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, वृक्षारोपण नोडल अधिकारी, चिकित्सा शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने भी पौधारोपण कर अभियान को सफल बनाया।