स्वाइन फ्लू को लेकर अनावश्यक भय न फैलाएं-सतर्क रहें, घबराएं नहीं: प्रो. डॉ. आर. बी. कमल


अगर आप अपने व्यवसाय, दुकान, शोरूम, संसथान इत्यादि के लिए शारदा प्रवाह न्यूज पोर्टल पर विज्ञापन देना चाहते हैं तो संम्पर्क करें - 9651636343, shardapravah@gmail.com, सविता ऑफसेट, रोडवेज तिराहा, जौनपुर
शारदा प्रवाह पर आपको मिलेंगे जौनपुर एवं देश-दुनिया के ताज़ा समाचार

जौनपुर। प्रदेश में स्वाइन फ्लू (Influenza-A/H1N1) से संबंधित मामलों की जानकारी के बाद जनसामान्य में बढ़ती चिंता के बीच उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बीमारी को लेकर अनावश्यक भय और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन के अनुसार सतर्कता, प्रमाणित जानकारी, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक सावधानियों के माध्यम से संक्रमण के प्रसार को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।

स्थिति पर लगातार निगरानी

चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थिति की निरंतर निगरानी और समीक्षा की जा रही है। मरीजों के चिकित्सकीय मूल्यांकन, आवश्यक जांच, उपचार एवं निगरानी के लिए व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं। संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा एवं सहायक सेवाओं के बीच समन्वय भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. आर. बी. कमल ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर किसी प्रकार की अनावश्यक घबराहट की आवश्यकता नहीं है। संस्थान स्थिति पर सतत नजर रख रहा है और उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों, मानव संसाधन तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य स्थिति में मरीजों को समय पर उचित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अपुष्ट सूचनाओं से बचने की अपील

प्रो. डॉ. कमल ने कहा कि बीमारी से संबंधित भय और अपुष्ट सूचनाएं जन-चिंता को बढ़ा सकती हैं। इसलिए लोगों को स्वास्थ्य विभाग, सरकारी चिकित्सा संस्थानों एवं अधिकृत चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा जारी प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट संदेश, वीडियो या पोस्ट को बिना सत्यापन के आगे साझा न करने की अपील की गई है।

लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. ए. ए. जाफरी ने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू सहित अन्य श्वसन संबंधी संक्रमणों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। आने वाले मरीजों का चिकित्सकीय मूल्यांकन किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार जांच, उपचार एवं निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक, एंटीवायरल अथवा अन्य दवाओं का सेवन न करें।

ये हो सकते हैं सामान्य लक्षण

स्वाइन फ्लू, जिसे सामान्यतः इन्फ्लुएंजा-A/H1N1 कहा जाता है, एक श्वसन संबंधी वायरल संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान शामिल हो सकते हैं। अधिकांश मरीज उचित देखभाल एवं चिकित्सकीय सलाह से ठीक हो जाते हैं, हालांकि कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है।

छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से गंभीर बीमारी से ग्रसित या कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत लें चिकित्सा सहायता

निम्न लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है—

  • सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना
  • सीने में दर्द
  • अत्यधिक कमजोरी
  • लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति
  • अत्यधिक सुस्ती
  • भ्रम या चेतना में बदलाव

बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां

  • खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें।
  • साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं।
  • आवश्यकता होने पर हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
  • बुखार, खांसी या अन्य श्वसन संबंधी लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों एवं निकट संपर्क से बचें।
  • आवश्यकता के अनुसार मास्क का उपयोग करें।
  • व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा करने से बचें।
  • बीमारी के दौरान पर्याप्त आराम करें और पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन करें।

मेडिकल कॉलेज चला रहा जन-जागरूकता अभियान

कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू के प्रभावी नियंत्रण के लिए चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ समुदाय तक वैज्ञानिक एवं प्रमाणित स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।

अभियान के तहत लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षणों, संक्रमण से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता, श्वसन शिष्टाचार, मास्क के उचित उपयोग एवं समय पर चिकित्सकीय परामर्श के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पोस्टर, बैनर, जन-जागरूकता गतिविधियों तथा डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरल और प्रमाणित स्वास्थ्य संदेशों को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा रहा है।

डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि अभियान का उद्देश्य वैज्ञानिक जानकारी को जन-जन तक पहुंचाना, अपुष्ट सूचनाओं से उत्पन्न अनावश्यक चिंता को कम करना और संक्रमण की रोकथाम में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

प्रशासन का संदेश—डरें नहीं, सावधान रहें

चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा चिकित्सा व्यवस्था, निगरानी और जन-जागरूकता के स्तर पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बीमारी की समय पर पहचान, आवश्यक उपचार, संक्रमण की रोकथाम तथा लोगों में व्याप्त अनावश्यक चिंता को कम करना है।

जनसामान्य से अपील की गई है कि स्वाइन फ्लू या किसी अन्य प्रकार के बुखार से डरें नहीं, बल्कि सावधान रहें। सही जानकारी अपनाएं, अफवाहों को रोकें, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें, लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें और संक्रमण की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा संस्थानों का सहयोग करें।

शारदा प्रवाह

शारदा प्रवाह पर आपको मिलेंगे जौनपुर एवं देश-दुनिया के ताज़ा समाचार हिंदी मे.

एक टिप्पणी भेजें

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

और नया पुराने