Jaunpur Medical College: पहला सफल ऑपरेशन ने रचा इतिहास, दूरबीन विधि से कंधे का पहला सफल ऑपरेशन

अगर आप अपने व्यवसाय, दुकान, शोरूम, संसथान इत्यादि के लिए शारदा प्रवाह न्यूज पोर्टल पर विज्ञापन देना चाहते हैं तो संम्पर्क करें - 9651636343, shardapravah@gmail.com, सविता ऑफसेट, रोडवेज तिराहा, जौनपुर



जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के आर्थोपेडिक्स विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यहां पहली बार दूरबीन विधि (आर्थोस्कोपी) से कंधे का सफल ऑपरेशन किया गया। आर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. उमेश सरोज एवं उनकी टीम के डॉ. रोहित सरोज ने पाल्हामऊ खुर्द, जौनपुर निवासी 48 वर्षीय मरीज के कंधे का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य है और वह चिकित्सकों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहा है।

मरीज पिछले करीब आठ माह से कंधे में लगी चोट के कारण बार-बार कंधा उतर जाने की समस्या से परेशान था। स्थिति इस कदर गंभीर हो गई थी कि दैनिक कार्य करते समय भी उसे हर समय कंधा दोबारा उतर जाने का भय बना रहता था। चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक जांचों के बाद डॉक्टरों ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

छोटे चीरे से आधुनिक तकनीक द्वारा उपचार

आर्थोस्कोपी आधुनिक एवं अत्यंत जटिल शल्य चिकित्सा पद्धति है, जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से विशेष कैमरे एवं दूरबीन की सहायता से कंधे के अंदरूनी हिस्से को देखकर समस्या का उपचार किया जाता है। इस तकनीक में पारंपरिक ऑपरेशन की तुलना में चीरा छोटा होता है तथा मरीज के अपेक्षाकृत शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिलती है।

जौनपुर जैसे जनपद में इस प्रकार की आधुनिक एवं जटिल शल्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे गंभीर मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार के लिए बड़े शहरों के चिकित्सा संस्थानों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।

पूरी मेडिकल टीम का रहा महत्वपूर्ण योगदान

इस सफल ऑपरेशन में आर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. राजेश, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. अशोक, डॉ. दीपक, नर्सिंग अधिकारी अनुज एवं आस्था तथा सहायक कर्मचारियों अभिषेक पुष्कर, प्रेम कुमार और सुनील कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

वहीं, जटिल शल्य चिकित्सा के दौरान मरीज को एनेस्थीसिया प्रदान करने एवं पूरे ऑपरेशन के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी में डॉ. अरविंद पटेल एवं डॉ. अनिल की विशेष भूमिका रही।

प्रधानाचार्य ने टीम को दी बधाई

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आर.बी. कमल ने आर्थोपेडिक्स एवं एनेस्थीसिया विभाग की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि संस्थान में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, ताकि जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों की जनता को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज जौनपुर भविष्य में भी मरीजों को उन्नत एवं जटिल शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा।

मरीजों के लिए बड़ी उपलब्धि: मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) ए.ए. जाफरी ने कहा कि दूरबीन विधि से कंधे का सफल ऑपरेशन किया जाना जनपद के मरीजों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि ऐसी जटिल शल्य चिकित्सा सुविधाएं अब मरीजों को अपने ही जनपद में उपलब्ध हो रही हैं, जिससे बेहतर उपचार के लिए उन्हें दूरस्थ एवं बड़े चिकित्सा संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

प्रो. जाफरी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों की जरूरतों के अनुरूप उपचार सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा जटिल मामलों का आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने आर्थोपेडिक्स एवं एनेस्थीसिया विभाग की पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मेडिकल कॉलेज में भविष्य में और अधिक उन्नत एवं जटिल शल्य चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगी।


 शारदा प्रवाह पर आपको मिलेंगे जौनपुर एवं देश-दुनिया के ताज़ा समाचार

शारदा प्रवाह

शारदा प्रवाह पर आपको मिलेंगे जौनपुर एवं देश-दुनिया के ताज़ा समाचार हिंदी मे.

एक टिप्पणी भेजें

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

और नया पुराने